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Lata Mangeshkar Death Anniversary: हेमा था लता मंगेशकर के बचपन का नाम, पुण्यतिथि पर पढ़िये सुर साम्राज्ञी गायिका के बारे में रोचक बातें

Lata Mangeshkar Death Anniversary: महज 14 साल की उम्र में लता दीदी ने बड़े कार्यक्रमों और नाटकों में अभिनय करना शुरू कर दिया था।

Lata Mangeshkar Death Anniversary Hema was Lata Mangeshkar's childhood name read interesting things about the singer on her death anniversary
Lata Mangeshkar Death Anniversary Hema was Lata Mangeshkar’s childhood name read interesting things about the singer on her death anniversary

Lata Mangeshkar Death Anniversary: लता मंगेशकर (28 सितंबर 1929 – 6 फरवरी 2022) भारत की सबसे लोकप्रिय गायिका थी. 28 सितंबर 1929 को लता का जन्म इंदौर के एक सिख मोहल्ले में हुआ था. उनका लगभग बचपन इंदौर में ही गुजरा था. उनके पिता की नाटक कंपनी थी. जिसमे वह बाद में अपने पिता के नाटक कंपनी में काम करने लगी थी. लता दीदी का पहले नाम हेमा था। जिसे उनके पिता ने बदलकर लता रख दिया था. 13 साल की उम्र में अचानक उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था.लता मंगेशकर जब 13 साल की थीं तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। वे सबसे बड़ी थीं ऐसे में घर की सारी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधो पर आ गई।

लता दीदी आर्थिक तंगी से गुजर रहीं थीं. पैसों की जरूरत के चलते उन्होंने मराठी फिल्म ‘पहिली मंगला गौर’ एक छोटा सा रोल किया। इसी के साथ उन्होंने फिल्म के गीत ‘नटली चैत्राची नवलाई’ को अपनी आवाज भी दी। इस गाने के लिए उन्हें 25 रुपए फीस मिली थी और फिल्म में रोल के लिए कुल 300 रुपए।

लगभग 30 भाषाओं में गाए गाने

महज 14 साल की उम्र में लता दीदी ने बड़े कार्यक्रमों और नाटकों में अभिनय करना शुरू कर दिया था। यहां से उनको ऊचांई मिली और इसके बाद उन्होंने फिल्मों में गाने गाना शुरू किए। अपने करियर में लता जी ने कई भाषाओं में गाना गाया है. उन्होंने केवल हिंदी भाषा में 1,000 से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी है। 30 से ज्यादा भाषाओं में गाने गाया है. इतना ही नहीं उनके गानों की गूंज भारत से लेकर विदेशों तक थी।

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चुनिंदा गानों को दी अपनी आवाज

लता दीदी का गोल्डन पीरियड 1950 से शुरू हुआ और 1980 तक जारी रहा। इसके बाद उन्होंने कुछ गिने- चुने गानों को ही अपनी आवाज दी।

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इन अवार्ड से की गई सम्मानित

1970 में लता जी को बेस्ट प्लेबैक सिंगर के लिए फिल्मफेयर का अवार्ड मिला था. 1972 में सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का राष्ट्रीय पुरस्कार, 1977 में जैत रे जैत के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का पुरस्कार मिला था.

इतना ही नहीं 1989 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. इसके बाद 2001 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मिला था. 2007 में फ्रांस सरकार ने अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया था. 2019 में लता दीदी को ‘डॉटर ऑफ द नेशन’ अवार्ड मिला था.

आपको बता दें कि लता मंगेशकर ने आखिरी बार आमिर खान की ‘फिल्म रंग दे बसंती’ को अपनी आवाज दी थी. उन्होंने इस फिल्म का क्लासिक गाना ‘लुका छुपी’ गाया था. यह गाना साल 2006 में रिलीज हुआ था.

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