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RBI MPC : एक साल बाद रेपो रेट बढ़ा या घटा? कर्ज पर क्या हुआ असर; पढ़ें फुल डिटेल्स

RBI MPC : मौद्रिक नीति समिति ने निर्णय लिया है कि रेपो रेट को यथावत रखते हुए उसमें कोई बदलाव नहीं किया है. इससे न तो उपभोक्ताओं को राहत मिली है और न ही उनकी ईएमआई बढ़ी है.

RBI MPC : Reserve Bank of India keeps repo rate unchanged
RBI MPC : Reserve Bank of India keeps repo rate unchanged

मुंबई, India Ahead Digital Desk: कार और होम लेने वालों के लिए बृहस्पतिवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) की ओर से बड़ी राहत की खबर आई. 3 दिवसीय बैठक के अंतिम दिन आरबीआई के एलान के अनुसार, इस बार भी रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है. इसे 6.5 प्रतिशत पर ही बरकरार रखने का फैसला लिया गया है. इसके बाद होम लोन और कार लोन के ईएमआई में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी.

लोगों को लगा झटका

वहीं, कुछ उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि आरबीआई रेपो रेट में कमी करेगा, जिसके बाद होम और कार लोन पर ईएमआई में कमी आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इससे उपभोक्ताओं को झटका भी लगा है. चुनावी सीजन में लोगों को रेपो रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद थी पर ऐसा नहीं हुआ.

6.5 प्रतिशत रेपो रेट

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मुंबई में कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने निर्णय लिया है कि रेपो रेट को यथावत रखते हुए उसमें कोई बदलाव नहीं किया है. रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है.

क्या है रेपो रेट

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, किसी भी देश में रेपो रेट महंगाई से लड़ने का एक बेहतरीन टूल है. भारत में आरबीआई समय-समय पर या कहें तीन महीने में स्थिति के हिसाब से इस्‍तेमाल करता है. सामान्य तौर पर महंगाई बहुत ज्‍यादा होती है तो आरबीआई इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है.

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क्या बढ़ाया जाता है रेपो रेट?

इस कड़ी में आरबीआई रेपो रेट को बढ़ा देता है. आमतौर पर 0.50 या इससे कम की बढ़ोतरी की जाती है. भारत की बात करें तो बृहस्पतिवार को लगातार छठी बार रेपो रेट को स्थिर रखने का एलान किया गया है.

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