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पिच को लेकर दिखी रोहित शर्मा की नाराज़गी केप टाउन में भारत ने रचा इतिहास

DELHI : भारत ने केपटाउन में इतिहास तो रचा लेकिन टीम कप्तान रोहित शर्मा पिच को लेकर काफी नाराज दिखे और उन पिच आलोचकों को करारा जवाब दिया जो भारतीय पिच पर सवाल उठाते रहते हैं. उन्होने साफ साफ कहा हम सबने देखा की इस मैच में क्या हुआ है और जो भारतीय पिचों को… Continue reading पिच को लेकर दिखी रोहित शर्मा की नाराज़गी केप टाउन में भारत ने रचा इतिहास

रोहित शर्मा Image

DELHI : भारत ने केपटाउन में इतिहास तो रचा लेकिन टीम कप्तान रोहित शर्मा पिच को लेकर काफी नाराज दिखे और उन पिच आलोचकों को करारा जवाब दिया जो भारतीय पिच पर सवाल उठाते रहते हैं. उन्होने साफ साफ कहा हम सबने देखा की इस मैच में क्या हुआ है और जो भारतीय पिचों को लेकर सवाल उठाते रहते हैं वो अपनी जुबान बंद रखे.

दक्षिण अफ़्रीका में जिस तरह की पिच पर खिलाया गया, उससे उन्हें और टीम इंडिया को कोई दिक़्क़त नहीं है लेकिन भारत में जब मैच होता है तो किसी को पिच पर सवाल उठाने का कोई हक़ नहीं है. पिछले साल इंदौर में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी का तीसरा टेस्ट मैच खेला गया था. तब इंदौर की पिच की आईसीसी ने ख़राब रेटिंग दी थी.

रोहित शर्मा

प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बोले रोहित शर्मा,हम सबने देखा कि इस मैच में क्या हुआ है.

पिछले साल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वर्ल्ड फाइनल हुआ तो पिच को लेकर सवाल उठे और इसे औसत पिच कहा गया.रोहित शर्मा को ये सारे वाक़ये याद थे और उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में दक्षिण अफ़्रीका की पिच को लेकर अपना तेवर सप्ष्ट कर दिया. आगे कहा, ”हम सबने देखा कि इस मैच में क्या हुआ है. पिच पर किस तरह का खेल हुआ सबने देखा. मुझे ऐसी पिचों पर खेलने में कोई समस्या नहीं है लेकिन भारत में जो पिचों को लेकर सवाल उठाते हैं, उन्हें मुँह बंद रखना होगा.

रोहित शर्मा ने कहा,चुनौती स्वीकार करना आसान नहीं

रोहित शर्मा ने कहा, ”आप यहाँ चुनौती स्वीकार करते हैं. हाँ, ये आसान नहीं है. मुश्किल चुनौती होती है. लेकिन जब लोग भारत में आते हैं तो उन्हें भी यह चुनौती स्वीकार करने में दिक़्क़त नहीं होनी चाहिए. जब आप टेस्ट क्रिकेट खेलने आते हैं तो ऐसी चुनौतियां होती हैं. मुझे लगता है कि यह अहम है कि हमें अपने रुख़ को लेकर एक तरह होना चाहिए.

मैं अब भी भरोसा नहीं कर पाता हूँ कि वर्ल्ड कप के फ़ाइनल मैच में कैस पिच की ख़राब रेटिंग औसत से भी नीचे दी गई थी. इसी मैच में एक बल्लेबाज़ ने शतक मारा था. ऐसे में आप इस पिच को ख़राब कैसे कह सकते हैं? आईसीसी और मैच के रेफरी जब पिचों की रेटिंग करते हैं तो उन्हें निष्पक्ष होकर फ़ैसला करना चाहिए.”रोहित शर्मा ने कहा, ”मैं उम्मीद करता हूँ कि ये आँख और कान खुले रखेंगे और सभी पक्षों को देखेंगे. ईमानदारी से कहिए तो हम ऐसी पिचों पर खेलने की चुनौती स्वीकार करते हैं. हम ऐसी पिचों पर खेलने का गर्व है. लेकिन सबको इस मामले में चुनौती स्वीकार करनी चाहिए.

आप करो तो चमत्कार हम रेंते तो पिच बेकार

भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग ने भी केपटाउन टेस्ट मात्र 107 ओवर में ख़त्म होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.सहवाग ने एक्स पर लिखे अपने पोस्ट में कहा है, ”आप करो तो चमत्कार, हम करें तो पिच बेकार, 107 ओवर में टेस्ट ख़त्म…”इसी पोस्ट में सहवाग ने जसप्रीत बुमराह और सिराज की तारीफ़ करते हुए कहा कि ‘ये टेस्ट साबित करता है कि भारत की तेज गेंदबाज़ी बेहद घातक है. बुमराह और सिराज का खेल शानदार था. 2024 की ये बेहतरीन शुरुआत थी.

आप करो तो चमत्कार हम रेंते तो पिच बेकार सही बात सहवाग ने कही और भारतीय पिचों की आलोचना करने वालों को रोहित शर्म ने करारा जवाब दिया और नसीहत भी दी है. अगर भारतीय पिच पर सवाल उठा रहे है तो वो अपनी जुबान बंद रखे.

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