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Crypto Market में गिरावट के बाद फिर से जगी उम्मीद, Bitcoin 20 हजार डॉलर के पार पहुंचा

क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) से पिछले काफी दिनों से निवेशकों को लगातार झटका लगा रहा है.

नई दिल्ली. क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) से पिछले काफी दिनों से निवेशकों को लगातार झटका लगा रहा है. बीते कुछ दिनों से क्रिप्टोकरेंसी में लगातार गिरावट जारी है. हालांकि सोमवार को निवेशकों के लिए थोड़ी राहत भरी खबर रही है. दुनिया की सबसे पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) के भाव में पिछले 24 घंटों में 9 फीसदी का उछाल देखने को मिला है. इसके बाद अब बिटकॉइन का भाव 1,28,268 रुपये बढ़कर फिर से 20,000 के डॉलर के पार पहुंच गया है. हालांकि शनिवार को क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के दाम 20 हजार डॉलर के नीचे पहुंच गए हैं.

इस खबर में ये है खास-

  • 2020 के बाद पहली बार बड़ी गिरावट
  • एक लाख करोड़ डॉलर के नीचे मार्केट वैल्यू
  • एक हफ्ते में 22 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

2020 के बाद पहली बार बड़ी गिरावट

क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में साल 2020 के बाद पहली बार इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. शनिवार को Bitcoin समेत सभी पॉपुलर करेंसी 8-10% की गिरावट के साथ ट्रेड किए हैं. Bitcoin के लिए क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में एक ऐसा समय रहा है, जब बिटकॉइन की बैल्यू 69,000 डॉलर तक गई थी. हालांकि, अब क्रिप्टोकरेंसी में लगातार गिरावट जारी है.

एक लाख करोड़ डॉलर के नीचे मार्केट वैल्यू

डिजिटल करेंसी में गिरावट का नतीजा यह रहा है कि इस हफ्ते क्रिप्टोकरेंसी का कुल मार्केट कैप एक लाख करोड़ डॉलर के नीचे आ गया है. खास बात है कि क्रिप्टो मार्केट कैप 10 जनवरी को 1.87 लाख करोड़ डॉलर था, जो शनिवार तक 88 हजार करोड़ डॉलर पर आ गया. इस दौरान बिटक्वाइन और इथेरियम सहित कई क्रिप्टोकरेंसी के दाम लगातार टूटने का नया रिकॉर्ड बनाते रहे हैं. बिटकॉइन के बाद सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम के दाम में भी तेजी देखने को मिली है.

एक हफ्ते में 22 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

इथेरियम का भाव 9,285 रुपये चढ़कर 88,348 रुपये का हो गया. इथेरियम का मार्केट कैप भी इस वृद्धि के साथ 10.0 ट्रिलियन रुपये पर पहुंच गया. बता दें कि क्रिप्टो मार्केट में पिछले हफ्ते भारी गिरावट दर्ज की गई थी. लगातार गिरावट से निवेशकों के होश उड़ गए थे. एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरे हफ्ते में क्रिप्टोकरेंसी बाजार में निवेश करने वालों को 22 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.