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क्रिप्टोकोर्रेंसी

क्रिप्टोकरेंसी पर GST लगाने की तैयारी में सरकार, जानें कितना लग सकता है टैक्स

जीएसटी अधिकारियों का विचार है कि क्रिप्टो, स्वभाव से, लॉटरी, कैसीनो, सट्टेबाजी, जुआ, घुड़दौड़ के समान हैं, जिन पर पूरे मूल्य पर 28 प्रतिशत जीएसटी है. इसके अलावा, सोने के मामले में पूरे लेनदेन मूल्य पर 3 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है.

नई दिल्ली. क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) इनवेस्टमेंट के तौर पर एक नया आप्शन बनकर उभरा है. भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अभी खास फैसला नहीं हो सका है. हालांकि भारत सरकार जीएसटी कानून के तहत क्रिप्टोकरंसी को सामान या सेवाओं के रूप में वर्गीकृत करने पर काम कर रही है, ताकि लेनदेन के पूरे मूल्य पर कर लगाया जा सके. वर्तमान में क्रिप्टो एक्सचेंज (Crypto Exchange) द्वारा दी जाने वाली सेवा पर 18 फीसद जीएसटी लगाया जाता है और इसे वित्तीय सेवाओं के रूप में वर्गीकृत किया जाता है.

इस खबर में ये है खास-

  • क्रिप्टो सट्टेबाजी और जुआ जैसा- GST अधिकारी
  • बजट में क्रिप्टो की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स
  • 10 हजार रुपये से अधिक डिजिटल मुद्रा के भुगतान पर 1 फीसदी TDS

क्रिप्टो सट्टेबाजी और जुआ जैसा- GST अधिकारी

जीएसटी अधिकारियों का विचार है कि क्रिप्टो, स्वभाव से, लॉटरी, कैसीनो, सट्टेबाजी, जुआ, घुड़दौड़ के समान हैं, जिन पर पूरे मूल्य पर 28 प्रतिशत जीएसटी है. इसके अलावा, सोने के मामले में पूरे लेनदेन मूल्य पर 3 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है. एक अधिकारी ने कहा कि अगर क्रिप्टोकरेंसी के पूरे लेनदेन पर जीएसटी लगाया जाता है तो यह दर 0.1 से 1 फीसदी के दायरे में हो सकती है. पहले वर्गीकरण पर निर्णय को अंतिम रूप देना होगा और फिर दर पर चर्चा की जाएगी.

वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) कानून क्रिप्टोकरेंसी के वर्गीकरण के बारे में स्पष्टता नहीं है और ऐसी आभासी डिजिटल मुद्राओं को विनियमित करने पर कानून की अनुपस्थिति में वर्गीकरण को ध्यान में रखना होगा कि कानूनी ढांचा इसे कार्रवाई योग्य दावे के रूप में वर्गीकृत करता है या नहीं.

बजट में क्रिप्टो की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स

आम बजट 2022-23 में क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर आयकर लगाने के संबंध में कुछ स्पष्टता लाई गई है. सरकार क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने के लिए अलग से एक कानून पर काम कर रही है, लेकिन अभी तक कोई मसौदा सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है.

10 हजार रुपये से अधिक डिजिटल मुद्रा के भुगतान पर 1 फीसदी TDS

बजट 2022-23 में एक वर्ष में 10,000 रुपये से अधिक की आभासी मुद्राओं के भुगतान और प्राप्तकर्ता के हाथों ऐसे उपहारों के कराधान पर 1 प्रतिशत टीडीएस का भी प्रस्ताव है. विशिष्ट व्यक्तियों के लिए टीडीएस की सीमा 50,000 रुपये प्रति वर्ष होगी, जिसमें ऐसे व्यक्ति/एचयूएफ शामिल हैं जिन्हें आई-टी अधिनियम के तहत अपने खातों का ऑडिट कराना आवश्यक है.