×

जीवन शैली

क्या है Borderline Personality Disorder जिसमें बार-बार होते है मूड स्विंग्स और आता है तेज गुस्सा?

Borderline Personality Disorder: बॉर्डरलाइन व्यक्तित्व विकार एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है. इस व्यक्ति का मूड पल-पल बदल जाता है, उसे परेशान किया जाता है, उसके चारों ओर सुरक्षा बनाने की कोशिश की जाती है. कई बार लोग शुरुआती दौर में इसकी पहचान नहीं कर पाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह स्थिति गंभीर मानसिक बीमारी का रूप… Continue reading क्या है Borderline Personality Disorder जिसमें बार-बार होते है मूड स्विंग्स और आता है तेज गुस्सा?

Borderline Personality Disorder
Borderline Personality Disorder

Borderline Personality Disorder: बॉर्डरलाइन व्यक्तित्व विकार एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है. इस व्यक्ति का मूड पल-पल बदल जाता है, उसे परेशान किया जाता है, उसके चारों ओर सुरक्षा बनाने की कोशिश की जाती है.

कई बार लोग शुरुआती दौर में इसकी पहचान नहीं कर पाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह स्थिति गंभीर मानसिक बीमारी का रूप ले लेती है. कई बार बढ़ती उम्र के साथ लोगों में यह समस्या देखने को मिलती है.

इस बीमारी से पीड़ित लोगों के सोचने, समझने और नकारात्मकता पर प्रतिक्रिया करने के तरीके काफी प्रभावी होते हैं. आइए जानते हैं बीपीडी के लक्षण और इसे कैसे पहचानें और इससे कैसे बचें.

Borderline Personality Disorder: ये हो सकते हैं लक्षण

  • इस रोग से ग्रसित लोगों में अक्सर इनसिक्योरिटी देखी जाती है.
  • मूड बहुत तेजी से बदलता रहता है, एक पल खुशी तो दूसरे पल उदास महसूस होता है. जिस मूड स्वींग में कभी कभी वक्त भी नहीं लगता.
  • इस हेल्थ कंडीशन में बात-बात पर बहुत गुस्सा आता है.
  • ऐसी बीमारी से पीड़‍ित शख्स किसी से बहुत ज्‍यादा प्‍यार करते हैं तो साथ ही, हद से ज्‍यादा नफरत भी कर सकता है. उनके मन में बीच की भावना ही नहीं होती.
  • बार-बार आत्महत्या के ख्याल आना भी इसके लक्षणों में से एक है.
  • च‍िड़च‍िड़ापन स्‍वभाव का हिस्सा बन जाता है.
  • कई लोग ऐसे में कभी जल्‍दी र‍िश्‍तों को तोड़ देते हैं तो कभी बहुत जल्दी कोई नया रिश्ता बना लेते हैं.
  • कई बार एन्जाइटी अटैक भी आते हैं.

अब बात करते हैं क्या हो सकते हैं कारण?

  • हार्मोनल इंबैलेंस भी इसकी एक वजह से बॉर्डरलाइन व्यक्तित्व विकार हो सकती है.
  • फैमिली हिस्ट्री के वजह से भी ये रोग आने वाली पीढ़ी में ट्रांसफर हो सकता है.
  • किसी बड़े हादसे जैसे किसी अपने के अचानक जिंदगी से चले जाने या सीरियस फैमिली प्रॉब्लम की वजह से भी ये रोग व्यक्ति को पकड़ सकता है.

अब बात करते है इस विकार से कैसे बचें?

  • सबसे पहले तो ज्यादा वक्त अकेले न बिताएं.
  • दोस्तों, परिवार या किसी अपने से अपनी फीलिंग्स शेयर करने की कोशिश करें.
  • अपनी पसंदीदा हॉबी को वक्त देकर देखिए.
  • दिमाग पर ज्यादा जोर न पड़ने दें, कुछ ऐसा करने के लिए खोजिए जिससे आपको खुशी मिलती हो.
  • अपने अच्छे समय को याद कीजिए. ध्यान रखिए वो पल दोबारा आ सकते हैं, बस आपको अपने दिमाग पर काबू पाना है.
  • मनोरोग व‍िशेषज्ञ से सलाह लेने में बिल्कुल मत झिझकिए. जैसे शरीर बीमार पड़ सकता है वैसे ही दिमाग भी, ये सब काफी नेचुरल है.

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए. कोई भी सवाल या परेशानी हो तोअपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें.

यह भी पढ़ें: आमिर की बेटी की शादी, सितारों ने सजाई रंगीन महफिल