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Heart Attack: ठंड में हार्ट अटैक के नए मरीज हुए दोगुना; ठंड, प्रदूषण का बढ़ता स्तर और अनियमित शारीरिक गतिविधि बनी वजह

Heart Attack: ठंड के मौसम में बदलाव आ रहा है और इसी दौरान हार्ट अटैक के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही हैं. आपको बता दें कि, ठंड की छुट्टियों और दिसंबर- जनवरी के दौरान हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा रहता हैं. इस दौरान अपने स्वास्थय के प्रति सावधानी बरतने को लेकर हार्ट विशेषज्ञों… Continue reading Heart Attack: ठंड में हार्ट अटैक के नए मरीज हुए दोगुना; ठंड, प्रदूषण का बढ़ता स्तर और अनियमित शारीरिक गतिविधि बनी वजह

Heart Attack
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Heart Attack: ठंड के मौसम में बदलाव आ रहा है और इसी दौरान हार्ट अटैक के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही हैं. आपको बता दें कि, ठंड की छुट्टियों और दिसंबर- जनवरी के दौरान हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा रहता हैं. इस दौरान अपने स्वास्थय के प्रति सावधानी बरतने को लेकर हार्ट विशेषज्ञों की तरफ से आगाह रहती हैं.

विशेषज्ञ वेबसाइट के मुताबिक क्रिसमस और जनवरी की छुट्टियों में हार्ट अटैक से ज्यादा लोगों की मौत होती हैं. इसी क्रम में भारत के संदर्भ में दिल की बिमारी के विशेषज्ञों का कहना हैं कि यही वो वक्त है जिस वक्त हृदयाघात की आशंका सबसे ज्यादा होती है. इस दौरान बता दें कि भारत में सबसे ज्यादा दिल के दौरे के मरीज सामने आते है.

ठंड, मौसम में बदलाव, प्रदूषण का बढ़ता स्तर से बढ़ते हैं हार्ट अटैक के केस

विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में दिसंबर और जनवरी के दौरान पड़ने वाली ठंड, मौसम में बदलाव, प्रदूषण का बढ़ता स्तर और अनियमित शारीरिक गतिविधि, इसके साथ दी असंतुलित खानपान की वजह से हार्ट अटैक के केस ज्यादा सामने आते हैं.

इस वजह से बाहर घुमने जाने के बारे में सोचने वालों को खासकर बीपी व दिल के मरीजों के साथ बाहर जाने लोगों को खास सतर्क रहने की जरूरत होती हैं. इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप कहीं आउटिंग से पहले हार्ट अटैक आशंका के लिए जरूरी टेस्ट और सावधानी अपनाने पर दिल के दौरे को रोका जा सकता हैं.

आउटिंग के दौरान रखें खास ख्याल

एनसीआरबी आंकड़ो के मुताबिक ठंड में दिल के नए मरीज बढ़ जाते हैं। उनके आंकड़ो के मुताबिक इसमें 55-60 आयु वाले अधिक होते हैं. आपको बता दें कि, पिछले महीने के दौरान दिल्ली- एनसीआर में हार्ट अटैक वाले दिल मरीजों की संख्या सितंबर- अक्टूबर की तुलना में काफी बढ़ गई है. आंकड़ो के मुताबिक ठंड का मौसम इस वक्त दिल के दौरे के लिए सबसे खतरनाक होता है.

इस वजह से आउटिंग के दौरान अनियमित शारीरिक गतिविधि जैसे कि आउटिंग को दौरान बेहद ठंड जगह पर जाना, दौड़ लगाना, पहाड़ो पर चढ़ना या क्षमता से ज्यादा शारीरिक कार्य करना और अनहेल्दी खानपान से इसकी अशंका बढ़ जाती हैं. कई रिसर्च में ये भी सामने आ चुका है कि अब युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं.

परिवार के साथ शारीरिक गतिविधि, पैदल चलना और इंडोर गतिविधियां करें शामिल

विशेषज्ञ वेबसाइट के मुताबिक छुट्टियों के दौरान खासकर दिसंबर और जनवरी के माह में दिल का दौरे से सालभर की तुलना में ज्यादा लोगों की मौत होती है. दिल के दौरे से सबसे ज्यादा मौतें 24, 25 दिसंबर और 1 जनवरी को हुई. दिल संबंधी मौतों के लिए ठंड का मौसम बड़ा कारण है, इससे तनाव, बीपी का बढ़ना, फैटी फूड, ड्रिंक सेवन शामिल है.

इस मौसम में जोखिम को कम करने के लिए कई बातों पर ध्यान देना चाहिए. दिल के दौरे से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर मदद पाने का इंतजार नहीं करना चाहिए बल्कि खुद सतर्क रहना होगा. इसके साथ ही तनाव को कम करने के लिए हम कई तरीकों जैसे परिवार के साथ शारीरिक गतिविधि, पैदल चलना, खेलना और इंडोर गतिविधियां शामिल कर सकते हैं.

इसके साथ ही फेस्टिवल व छुट्टियों के सीजन में दिल का दौरा ज्यादा बढ़ने की बात सामने आई है. जिसमें देखा गया है कि लोगों की शारीरिक गतिविधि बहुत कम हो जाती है, ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. अब ऐसे में जब आउटिंग के दौरान मौसम में अचानक आए बदलाव के साथ अनियमित शारीरिक गतिविधि बढ़ने से, फैटी खानपान के साथ अन्य चीजें बढ़ जाती हैं, इससे दिल के दौरा का खतरा भी बढ़ता है. दिल के मरीजों को ऐसे समय में सावधानी बरतनी चाहिए.

ठंड बढ़ने से इनदिनों दिल के दौरे के 40 फीसदी नए मरीज आ रहेः डॉ एन के शर्मा

आपको बता दें कि, एम डी मोडिसिन, सिनियर फिजिशियन, डॉक्टर नरेंद्र कुमार शर्मा के मुताबिक, छुट्टियों के दौरान खासकर दिसंबर और जनवरी के माह में दिल का दौरे से सालभर की तुलना में ज्यादा लोगों की मौत होती है. एन के शर्मा ने बताया कि ठंड हार्ट अटैक का सबसे खरतनाक मौसम होता है.

इस दौरान दिल के दौरे वाले मरीजों को संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है. यह सबसे सावधानी रखने वाला सीजन होता है. हमारे हॉस्पीटल में इस सीज़न में हार्ट अटैक के नए मरीजों की संख्या 30 से 40 फीसदी बढ़ जाती है, इस दौरान उम्रदराज लोग ज्यादा होते हैं. ठंड में बीपी बढ़ जाता है. शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं.

  • हार्ट अटैक से बचने बीपी, शुगर, कोलेस्ट्रॉल टेस्ट कराएं. असके साथ ही नियमित व्यायाम, संतुलित खानपान करें.
  • सिनियर फिजिशियन, डॉक्टर नरेंद्र कुमार शर्मा के मुताबिक ठंड के मौसम में दिल के दौरे की आशंका को लेकर सभी आयुवर्ग के लोगों को सतर्क व सावधानी बरतनी चाहिए.
  • हार्ट अटैक से जुड़े कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ को दिखाएं.
  • किसी आउटिंग या शादी समारोह में शामिल होने से पहले अपने बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल चेक कराएं. इससे दिल के दौरे की आशंका पता चल जाएगी.