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राजनीति

जानिए कब-कब मारी नीतीश कुमार ने पलटी

नीतीश कुमार का गठबंधन से बंधन छुड़ाने का अपना अलग स्टाइल है, वो कभी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तो कभी परिवारवाद के आरोप लगाकर सहयोगी दलों से अलग हो जाते है. तेजस्वी यादव पर लगे लैंड फॉर जॉब के आरोपो पर चुप्पी साधने वाले नीतीश कुमार ने आरजेडी पर परिवारवाद का आरोप लगाकर नाता तोड़… Continue reading जानिए कब-कब मारी नीतीश कुमार ने पलटी

नीतीश कुमार Image
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नीतीश कुमार का गठबंधन से बंधन छुड़ाने का अपना अलग स्टाइल है, वो कभी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तो कभी परिवारवाद के आरोप लगाकर सहयोगी दलों से अलग हो जाते है. तेजस्वी यादव पर लगे लैंड फॉर जॉब के आरोपो पर चुप्पी साधने वाले नीतीश कुमार ने आरजेडी पर परिवारवाद का आरोप लगाकर नाता तोड़ लिया. जबकि रोहिणी के ट्विीट ने जेडीयू और आरजेडी के बीच छिड़ी ज़बानी जंग में आग में घी डालने का काम किया.

ये कोई पहला मौका नहीं है कि नीतीश कुमार ने पलटी मारी हो. इससे पहले भी वो कई बार पलटी मार-मारकर सत्ता पर काबिज़ हो चुके है. नीतीश बाबू ने 1994 में पहली बार विरोध का बिगुल फूंका था. कुर्मी रैली के दौरान नीतीश जनता दल से अलग हो गए थे. तभी उन्होंने समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नाडीस और ललन सिंह के साथ मिलकर समता पार्टी बनाई और वामदलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा.

मकसद कामयाब नहीं हो पाए तो फिर वामदलों से नाता तोड़कर एनडीए से गलबहियां कर ली. 1996 के चुनाव से पहले एनडीए में शामिल हुए नीतीश का रिश्ता 2010 के विधानसभा चुनाव तक चलता रहा लेकिन 2013 में उनका एनडीए से मोह भंग हो गया और फिर नीतीश ने 2014 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया वो बात अलग है कि जदयू केवल दो सीटों पर ही सिमट गई. इसके बाद उन्होंने सीएम पद छोड़ दिया था.

2015 में लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया और बड़ी सफलता मिलने के बाद फिर से सीएम बन गया. ढाई साल तक लालू परिवार के साथ रिश्ता कायम रखने के बाद 2017 में महागठबंधन को तोड़कर सबको चौंका दिया और ठीकरा तेजस्वी यादव के लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर फोड़ दिया और एक बार फिर से नीतीश बाबू एनडीए के अंगना में सत्ता खनकाने पहुंच गए और सरकार बनाने के बाद सीएम बन गए. 2020 को चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा. जदयू के हिस्से में 43 सीटें आई और बीजेपी ने 74 सीटों पर जीत हासिल की. बावजूद इसके सीएम पद पर नीतीश की ताजपोशी हो गई. और दो साल बाद ही 2022 में नीतीश ने अपने स्टाइल में गठबंधन तोड़ दिया और कहा कि उनको बीजेपी से दिक्कत होने लगी है. फिर से राजद के साथ जदयू ने महागठबंधन बना लिया.

कब और किस साल में पलटे नीतीश कुमार

16 जून 2013 में नरेन्द्र मोदी को पीएम कैंडिडेट के लिए बीजेपी ने चुना तो विरोधी हुए. नीतीश कुमार ने भाजपा से 17 साल पुराना रिश्ता तोड़ लिया और फिर उसके बाद साल 2015 में विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद यादव से हाथ मिलाया. चुनाव जीतकर सरकार बनाई और तेजस्वी यादव को डिप्टी सीएम बनाया. 26 जुलाई 2017 में तेजस्वी यादव का नाम आईआरसीटीसी घोटाले में नाम आने पर महागठबंधन से नाता तोड़ लिया. 9 अगस्त 2022 को नीतीश कुमार ने इस्तीफा देकर बीजेपी का साथ छोड़ दिया और एक घंटे के भीतर ही कांग्रेस, राजद और लेफ्ट से हाथ मिलाकर सरकार बना ली.

नीतीश कब-कब बने सीएम

नीतीश कुमार पहली बार 3 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000 तक सीएम पद पर रहे. दूसरी बार 24 नवंबर 2005 से 25 नंवबर 2010 तक सीएम के पद पर रहे. तीसरी बार 26 नवंबर 2010 से 19 मई 2014 तक. चौथी बार 22 फरवरी 2015 से 19 नवंबर 2015 तक सीएम रहे. पांचवी बार 20 नवंबर 2015 से 26 जुलाई 2017 तक, छठी बार 27 जुलाई 2017 से 15 नवंबर 2020 तक, सातवीं बार 16 नवंबर 2020 से 9 अगस्त 2022 तक, और आठवीं बार 10 अगस्त 2022 से 28 जनवरी 2024 तक सीएम पद पर रहे.

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