×

देश

मजहबी पाबंदियों को लांघकर अयोध्या की सीमा पर पहुंचीं रामभक्त शबनम शेख

प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए मुंबई से पैदल चलीं शबनम शेख अब अयोध्या से चंद कदम की दूरी पर है. शनिवार की शाम वे हलियापुर में अयोध्या की सीमा तक पहुंच गई, वहां बातचीत के दौरान वे बेहद भावुक हो गई. उन्होंने कहा कि रामलला के दर्शन अब उन्हें मिलने वाले है, यह सपना… Continue reading मजहबी पाबंदियों को लांघकर अयोध्या की सीमा पर पहुंचीं रामभक्त शबनम शेख

शबनम शेख IMAGE
शबनम शेख IMAGE

प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए मुंबई से पैदल चलीं शबनम शेख अब अयोध्या से चंद कदम की दूरी पर है. शनिवार की शाम वे हलियापुर में अयोध्या की सीमा तक पहुंच गई, वहां बातचीत के दौरान वे बेहद भावुक हो गई. उन्होंने कहा कि रामलला के दर्शन अब उन्हें मिलने वाले है, यह सपना साकार होने जैसा पल है. हलियापुर में उनका जोरदार स्वागत किया गया.

युवाओं ने किया शबनम शेख का स्वागत

मुंबई में रहने वाली शबनम शेख, बी-कॉम की छात्रा है. वे अपनी रामभक्ति के लिए सोशल मीडिया पर काफी चर्चित है, 38 दिन पहले वे अपने तीन हिंदू मित्रों रमन राज शर्मा, विनीत पांडेय व शुभम गुप्ता के साथ अयोध्या के लिए पैदल निकली थी. शनिवार शाम हलियापुर में एक्सप्रेस-वे के पास से ही युवाओं ने उनका स्वागत किया. पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के नारों से गूंजता रहा.

शबनम शेख ने किया हरिप्रताप सिंह का आग्रह स्वीकार

अयोध्या की सीमा से चंद कदम पहले ही प्रताप ढाबा के संचालक हरिप्रताप सिंह और उनकी पत्नी प्रीति सिंह ने शबनम के दल का स्वागत किया और रात्रि विश्राम का आग्रह किया. शबनम ने भी उनका आग्रह स्वीकार किया. प्रीति सिंह ने उनके लिए नमक डालकर गर्म पानी आदि से लेकर भोजन तक का इंतजाम करवाया.

CM योगी से मिलने के बाद मुंबई के लिए होंगी रवाना

इस दौरान शबनम ने कहा कि वे बचपन से ही श्रीराम की भक्त है. अयोध्या अब चंद कदम दूर है तो वे बहुत भावुक है. यह उनका सपना सच होने के जैसा है. वे दो दिन अयोध्या में रहेंगी और फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद मुंबई के लिए वापस रवाना होंगी. शबनम का स्वागत करने वालों में हिंदेश सिंह, मनोज सिंह, राम सिंह, शिवहरि कौशल, युधिष्ठिर सिंह, सत्यम, रामजी, अंकेश, निर्भय सिंह व नरेंद्र सिंह शामिल रहे.

बलसाड़ के युवकों को ढाबे पर ठहराया

ढाबा संचालक हरिप्रताप सिंह ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान से लेकर अब तक यदि कोई श्रद्धालु दूरदराज से आता है तो वे उनके रहने ठहरने का पूरा इंतजाम करते है. यहीं पर ठहरे गुजरात के चिराग पटेल, केयूर पटेल और उर्विल पटेल ने बताया कि वे भी पैदल यात्रा कर आ रहे है. वे लोग 31 दिसंबर को गुजरात से चले थे. बाद में उनके साथ रोबिन पटेल, नीरव एन पटेल, कार्तिक,पटेल, कल्पेश पटेल और नीरव पटेल भी जुड़ गए. उन्होंने कहा कि वे यहां के लोगों के स्वागत से अभिभूत है.

और भी खबरों के लिए यहां क्लिक करें.