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राजनीति

“राम मंदिर का उद्घाटन: कांग्रेस ने निमंत्रण को अस्वीकार किया”

राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को कांग्रेस ने अस्वीकार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) के आयोजन को उदाहरण बताया है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि शंकराचार्यों का अपमान किया जा रहा है और राम मंदिर के लिए विश्व हिंदू परिषद… Continue reading “राम मंदिर का उद्घाटन: कांग्रेस ने निमंत्रण को अस्वीकार किया”

राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को कांग्रेस ने अस्वीकार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) के आयोजन को उदाहरण बताया है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि शंकराचार्यों का अपमान किया जा रहा है और राम मंदिर के लिए विश्व हिंदू परिषद को क्यों ठेका दिया गया है? उन्होंने बीजेपी संघ और विश्व हिंदू परिषद को अंग्रेजों की नकली नीति का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अब राज कर रहे हैं और धर्म को विभाजित कर रहे हैं.

कांग्रेस ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण अस्वीकार किया

इसके बाद, कांग्रेस ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण अस्वीकार किया है और इसे भारतीय राजनीति में तनाव पैदा कर दिया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि धर्म एक निजी मामला है और राम मंदिर के मुद्दे को राजनीतिक प्रोजेक्ट बना रखने के लिए RSS और BJP लंबे समय से कोशिश कर रहे हैं.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात पर आपत्ति है कि शंकराचार्यों का अपमान किया जा रहा है और राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को राजनीतिक फायदे के लिए इवेंट बनाया जा रहा है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहा राव और चारों शंकराचार्यों के ‘रामालय न्यास’ को उदाहरण देकर पूछा कि उन्हें इस कार्यक्रम में क्यों नहीं शामिल किया गया?

इसके साथ ही, वह यह भी पूछते हैं कि निर्मोही अखाड़े से उनका अधिकार क्यों छीना गया और उनकी पूजा करने वाले इस अखाड़े को क्यों विवादित बनाया जा रहा है.

कांग्रेस ने सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है और इससे खुद को इस विवाद से दूर रखने का प्रयास किया है. लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे. इस तरह कांग्रेस ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर अपना स्टैंडक्लीयर किया है और इसमें भाग नहीं लेने का निर्णय किया है.

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