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75 साल का हुआ उत्तर प्रदेश, 24 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है यूपी दिवस?

यूपी का 4 हजार साल पुराना इतिहास पहले स्वतंत्रता संग्राम की बात हो या आजादी की लड़ाई की. या आजादी मिल जाने के बाद देश चलाने के अंतहीन संघर्ष में हिस्सेदारी की. देश के राजनीतिक सफर की हर दास्तान उत्तर प्रदेश की कहानी के बिना अधूरी है. देश का सबसे बड़ा राज्य, देश को सबसे… Continue reading 75 साल का हुआ उत्तर प्रदेश, 24 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है यूपी दिवस?

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यूपी का 4 हजार साल पुराना इतिहास

पहले स्वतंत्रता संग्राम की बात हो या आजादी की लड़ाई की. या आजादी मिल जाने के बाद देश चलाने के अंतहीन संघर्ष में हिस्सेदारी की. देश के राजनीतिक सफर की हर दास्तान उत्तर प्रदेश की कहानी के बिना अधूरी है. देश का सबसे बड़ा राज्य, देश को सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री देने वाला प्रदेश, सबसे अधिक मानव संसाधन वाला सूबा और सांस्कृतिक विविधता की सबसे व्यापक तस्वीर रखने वाले भारत के इस उत्तरी प्रदेश को चाहे हाल में उत्तर प्रदेश नाम की संज्ञा दी गई हो लेकिन सांस्कृतिक तौर पर इसका इतिहास 4 हजार साल पुराना है.

1950 में मिला यूपी का नाम

1902 के ब्रिटिश दौर में नार्थ वेस्ट प्रोविंस का नाम बदल कर यूनाइटेड प्रॉविंस (संयुक्त प्रांत) ऑफ आगरा एंड अवध रखा गया था. 1920 में यहां की राजधानी इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) से बदलकर लखनऊ ट्रांसफर की गई. 1947 में यूनाइटेड प्रॉविंस को एक प्रशासनिक इकाई बनाया गया और 2 साल बाद टिहरी गढ़वाल और रामपुर की रियासतों को भी इसमें शामिल किया गया. इसके बाद 1950 में यूनाइटेड प्रॉविंस का नाम बदल कर यूपी रखा गया.

पुराण से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक यूपी की कहानी

यूपी के भूगोल पर ही महाभारत और रामायण जैसे महाकाव्यों की रचना की गई. आर्यो के जमाने से इसका इतिहास जोड़ा जाता है. तब से लेकर अब तक यह प्रांत कई राजनैतिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों का गवाह रहा है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, भगवान राम का जन्म इसी प्रदेश के अयोध्या शहर में हुआ. माने जाते हैं कि महाभारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले श्रीकृष्ण पश्चिमी यूपी के मथुरा में अवतरित हुए. इतना ही नहीं, जिसे बौद्ध धर्म का सूत्रपात माना जाता है, ऐसे भगवान बुद्ध को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में निर्वाण प्राप्त हुआ. इसके अलावा 1857 के विद्रोह में प्रथम स्वतंत्रता के दौरान मेरठ, कानपुर और झांसी की भूमिका को कौन नहीं जानता है.

यूपी का विभाजन

9 नवंबर 2000 को लंबे आंदोलन के बाद प्रदेश के पहाड़ी और तराई के इलाकों को मिलाकर अलग राज्य उत्तरांचल का गठन किया गया, जो अब उत्तराखंड के नाम से जाना जाता है.

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है

जनसंख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है. इस राज्य की जनसंख्या लगभग 22 करोड़ है. इस राज्य की जनसंख्या इतनी है कि अगर उत्तर प्रदेश एक राज्य न होकर स्वतंत्र देश होता तो कई आबादी के आधार पर यूपी चीन, भारत, अमेरिका, इण्डोनेशिया और ब्राज़ील के बाद छठा सबसे बड़ा देश होता. इस राज्य के जनसंख्या अनुपात की बात करें तो यहां 2011 की जनगणना के मुताबिक 1000 पुरुष पर महिलाओं की संख्या 908 है.

कितने वर्ग किलोमीटर में फैला है ये राज्य

यह राज्य 243,290 वर्ग किलोमीटर (93,933 वर्ग मील) को कवर करता है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल के 7.33% के बराबर है.

यूपी दिवस मनाने की परंपरा

24 जनवरी 1950 को तत्कालीन संयुक्त प्रांत को यूपी के रूप गठित किया गया था, लेकिन यूपी दिवस मनाने की परंपरा बहुत पुरानी नहीं है. 2017 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया था कि 24 जनवरी को राज्य स्थापना दिवस यूपी दिवस के रूप में मनाया जाएगा. तभी से ये सिलसिला जारी है. साल 2018 से इस दिवस को मनाया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश दिवस 2024

अयोध्या में राम मंदिर के बाद, उत्तर प्रदेश के लिए आज 24 जनवरी का दिन गौरव का है. आज यूपी दिवस 75वां स्थापना दिवस मना रहा है. 1950 के पहले उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रांत के नाम से जाना जाता था. दरअसल, इसे 1 अप्रैल 1937 को ब्रिटिश शासन के दौरान संयुक्त प्रांत आगरा और अवध के तौर पर स्थापित किया गया था. ब्रिटिश काल में इसे यूनाइटेड प्रोविंस कहा जाता था. लेकिन 1950 में इसका नाम बदलकर उत्तर प्रदेश किया गया. इसके बाद संक्षिप्त में इसका नाम यूपी हो गया.

इस मौके पर 24 जनवरी से 4 फरवरी तक लखनऊ, दिल्ली और नोएडा में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन होगा. उत्तर प्रदेश का 75वां स्थापना दिवस है. इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुभकामनाएं भी दीं हैं.

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