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राजनीति

लोकसभा चुनाव से पहले ED की एंट्री पर बवाल

DELHI : जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे ED भी एक्टिव हो गई है. जिसको लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है और ED के दुरुपयोग का सरकार पर आरोप लग रहा है. ED का राडार में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ,झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव… Continue reading लोकसभा चुनाव से पहले ED की एंट्री पर बवाल

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DELHI : जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे ED भी एक्टिव हो गई है. जिसको लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है और ED के दुरुपयोग का सरकार पर आरोप लग रहा है. ED का राडार में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ,झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव हैं.

ED के नाम पर कौन राजनीति कर रह है?

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के अब तक ED इन्हें तीन समन भेज चुकी है लेकिन वो एक बार भी ED के सामने हाजिर नहीं हुए उन्होंने हवाला दिया की सरकार, ED का दुरुपयोग कर रही है और ED का समन राजनीति से प्रेरित है. साथ ही ED के बहाने सरकार पर भी हमला बोला था.

ED की कार्रवाई सियासत या जरुरी?

बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को ईडी ने 5 जनवरी को पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित कार्यालय में बुलाया था, मगर सरकारी कामों में व्यस्तता के कारण पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष पेश नहीं हो पाएंगे. दरअसल, लैंड फॉर जॉब मामले (Land For Job Cases) में ईडी ने तेजस्वी यादव को दूसरा समन जारी किया था. इस मामले में ईडी इसी साल 11 अप्रैल को तेजस्वी से करीब 8 घंटे तक पूछताछ कर चुकी है, लेकिन यह पहली बार है जब ईडी ने लालू यादव को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है. यह समन लालू प्रसाद परिवार के एक करीबी सहयोगी अमित कात्याल से पूछताछ के बाद भेजा गया है. उन्हें नवंबर में ईडी ने गिरफ्तार किया था.

ED के सातवें समन जारी होने के बावजूद पेश नहीं हुए सोरेन

झारखंड में जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है. ईडी की ओर से सातवां समन दिए जाने के बावजूद सोरेन पूछताछ के लिए उपलब्ध नहीं हुए हैं तो उनकी गिरफ्तारी की अटकलें तेज हैं. इस बीच सूबे में मुख्यमंत्री बदले जाने की भी चर्चा तेज हो गई है. सवाल है कि अगर हेमंत सोरेन गिरफ्तार होते हैं तो अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इसे लेकर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ ही BJP भी माथापच्ची कर रही है.

चुनावों में ED की कार्रवाई बनेगी चुनावी मुद्दा

2024 के चुनाव में अभी समय है लेकिन ईडी की कार्रवाई और समन पर राजनीति शुरु हो गई है लेकिन सवाल यह भी खड़ा है अगर ईडी के समन का ये तीनों नेता जवाब नहीं देते है तो ईडी इन्हें गिरफ्तार कर सकती है. अगर ये तीनों नेता गिरफ्तार होंगे तब इस राज्यों की तस्वीर क्या होगी.

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