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राजनीति

जानिए मुर्तना का 50 साल की उम्र में राम के लिए ऐसा हौसला

अयोध्या यात्रा को लेकर अब हम बात करेंगे एक ऐसे शख्स की जिसकी उम्र तकरीबन 50 साल है….और वो भी इस कड़कड़ाती ठंड में हाथों में लाठी, आंखों में महात्मा गांधी के जैसा गोल चश्मा औऱ बदन पर धोती लपेटे हुये अयोध्या की सफर पर निकल चुका है…अब आप सोच रहे होंगे की आखिर वो… Continue reading जानिए मुर्तना का 50 साल की उम्र में राम के लिए ऐसा हौसला

अयोध्या यात्रा को लेकर अब हम बात करेंगे एक ऐसे शख्स की जिसकी उम्र तकरीबन 50 साल है….और वो भी इस कड़कड़ाती ठंड में हाथों में लाठी, आंखों में महात्मा गांधी के जैसा गोल चश्मा औऱ बदन पर धोती लपेटे हुये अयोध्या की सफर पर निकल चुका है…अब आप सोच रहे होंगे की आखिर वो कौन शख्स है जो इस कड़कड़ाती ठंड में भी अर्धनग्न अवस्था में चल पड़ा है…. क्योंकि इस कड़कड़ाती ठंड में जहां एक तरफ लोग गर्म कपड़े पहने नजर आ रहे है…. वहीं वे अलाव का भी सहारा ले रहे है…

महात्मा गांधी के गेटअप में कर्नाटक से अयोध्या के लिए निकले है मुर्तना


50 साल का मुर्तना कर्नाटक का रहने वाला है…जो महात्मा गांधी के गेटअप में कर्नाटक से अयोध्या के लिए निकल पड़े है…उन्होंने अपने कमर में घड़ी लटका रखी है…. हाथों में लाठी, आंखों में गांधी जी के जैसा गोल चश्मा और बदन पर धोती लपेटे हुए हैं…. मुर्तना का टार्गेट है कि वो 22 जनवरी से पहले अयोध्या पहुंचे…और राम दरबार में अपनी हाजिरी लगाये…
मुर्तना करीब दो हजार किलोमीटर की दूरी को पैदल तय कर रहे हैं…. फिलहाल वो प्रयागराज में पहुंचे हुए हैं…. अब उनकी अयोध्या की दूरी 170 किलोमीटर की ही बची है, जिसे उम्मीद है कि वो 3 से 4 दिन में तय कर लेंगे…. हालांकि उनकी यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच उन्होंने अपने बदन पर सिर्फ एक धोती ही पहना रखा है…

22 जनवरी को भी दिवाली की तरह मनाये


कर्नाटक के रहने वाले मुर्तना ने अपने इस यात्रा की शुरुआत 12 दिसंबर को की थी… अगर उनके बात उनके परिवार की करें तो उनकी शादी हो चुकी है…. उनकी एक बेटी भी है जो फिलहाल पढ़ाई करती है…. उन्होंने अयोध्या पहुंचने का लक्ष्य 12 जनवरी को रखा हुआ है…. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुर्तना ने प्रयागराज पहुंचकर यहां के कमिश्नर से मुलाकात की थी… इस दौरान कमिश्नर ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया था…. हालांकि मुर्तना ने कहा था कि उनके पास जितने कपड़े हैं, वो पर्याप्त हैं….. 22 जनवरी में महज कुछ दिन ही शेष है…. जिसे लेकर लोग अभी से ही तैयारियों में जुटे हुये है…. और उनकी चाहत है कि वो राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को यादगार बना सकें और वो 22 जनवरी को भी दिवाली की तरह मनाये

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