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राजनीति

Congress Politics: एक ही दिन में कांग्रेस को लगे दो बड़े झटके…

Congress Politics: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 14 जनवरी से न्याय यात्रा को लेकर मणिपुर से मुंबई तक देश को जोड़ने के लिए निकल पड़े है और इस बार वो पूर्वोत्तर के राज्यों पर फोकस करके चल रहे है. लेकिन मोहब्बत की दुकान पर आपसी भाईचारें का सामान बेचने निकले राहुल के यात्रा करने से पहले… Continue reading Congress Politics: एक ही दिन में कांग्रेस को लगे दो बड़े झटके…

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Congress Politics: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 14 जनवरी से न्याय यात्रा को लेकर मणिपुर से मुंबई तक देश को जोड़ने के लिए निकल पड़े है और इस बार वो पूर्वोत्तर के राज्यों पर फोकस करके चल रहे है.

लेकिन मोहब्बत की दुकान पर आपसी भाईचारें का सामान बेचने निकले राहुल के यात्रा करने से पहले पार्टी को दो बड़े झटके मुंबई और असम में लग गए.

रविवार को मणिपुर के थबौल से शुरू हो रही भारत जोड़ा न्याय यात्रा से ऐन वक्त पहले मुंबई से पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने इस्तीफा दे दिया.

47 वर्षीय मिलिंद देवड़ा ने रविवार को इस्तीफे के बाद एक्स पर लिखा, आज मेरी राजनीतिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हुआ है. मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है.

जिससे पार्टी के साथ मेरे परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया है. मैं सभी नेताओं, सहकर्मियों और कार्यकर्ताओं का वर्षों से अटूट समर्थन करने के लिए आभारी हूं. बात दें कि मिलिंद के पिता मुरली देवड़ा भी कांग्रेस के नेता थे.

फिर उसके बाद असम में कांग्रेस के सचिव अपूर्व भट्टाचार्य ने भी अपने पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया…अपूर्व और मिलिंद का इस्तीफ़ा पार्टी के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है. दरअसल, राहुल गांधी की यात्रा महाराष्ट्र और असम से भी निकलेगी.

इसलिए दोनो नेताओं के इस्तीफे से पार्टी में भी हडकंप मच गया है. बता दें कि कांग्रेस पार्टी को असम में लगातार झटके लग रहे हैं. उसके कई बड़े नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी के साथ जा रहे हैं.

पिछले साल नवंबर में असम कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था. जिन दो नेताओं ने इस्तीफा दिया था, उनमें से 2021 में बरहामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले नगांव जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुरेश बोरा शामिल थे. इन्हीं के साथ असम प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पोरिटुश रॉय ने भी पार्टी से इस्तीफा दिया था.

Congress Politics: बिखरता जा रहा है कांग्रेस का कुनबा

सत्ता में आने के लिए हाशिये से उभरने की जद्दोजहद में लगी कांग्रेस के लिए पिछले काफी दिनों से समय अच्छा नहीं चल रहा है. 2019 से शुरू हुआ कांग्रेस का बुरा वक्त थमने का नाम नहीं ले रहा है.

कांग्रेस के बड़े और दिग्गज नेता एक-एक करके पार्टी को छोड़कर जा रहे है यानि कह सकते है कि कांग्रेस का कुनबा लगातार बिखरता जा रहा है. किसी ज़माने में सबसे बड़ी पार्टी होने वाली कांग्रेस नेता और कार्यकर्त्ताओं के लिहाज़ से अब सिमटती जा रही है.

दरअसल इसकी शुरूआत लोकसभा चुनाव 2019 के बाद शुरू हुई थी, जिसमें कांग्रेस के युवा चेहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद ने पार्टी को अलविदा कह दिया.

भाजपा में शामिल होने के बाद सिंधिया को मंत्री बनाया गया जबकि यूपी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जितिन प्रसाद को पीडब्लडी जैसा महत्तवपूर्ण मंत्रालय दिया गया.

वहीं राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने से ठीक पहले पार्टी के दिग्गज नेता गुलाम नबी आज़ाद ने पार्टी को छोड़ दिया और अब भारत जोड़ो न्याय यात्रा से ठीक पहले मुंबई के दिग्गज नेता मिलिंद देवड़ा और असम से अपूर्व भट्टाचार्य ने भी इस्तीफ़ा दे दिया।