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ED Raid: अरविंद केजरीवाल के पीए के ठिकानों पर ED ने क्यों मारे छापे? क्या है पानी से कनेक्शन?

ED Raid: दिल्ली जल बोर्ड में टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव के घर पर छापे मारे हैं.

ED carries out raids at residences of 12 people linked to AAP
ED carries out raids at residences of 12 people linked to AAP

ED Raid AAP Rajya Sabha MP ND Gupta : अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ल रही हैं. शराब और मोहल्ला क्लीनिक टेस्ट लैब के बाद अब पानी में गड़बड़ी को लेकर कानूनी शिकंजा AAP नेताओं पर कसता जा रहा है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने छापा मारा है.

कई स्थानों पर छापेमारी जारी

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ED मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव और आम आदमी पार्टी से जुड़े अन्य लोगों के आवास सहित लगभग 10 स्थानों पर तलाशी कर रही है.

भाजपा पर हमलावर आतिशी

मिली जानकारी के अनुसार, ED ने पहले निजी सचिव विभव कुमार के घर पर छापा मारा फिर AAP के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता के घर भी टीम पहुंची. सूत्रों के मुताबिक, ED की टीम ने दिल्ली जल बोर्ड के एक पूर्व सदस्य के यहां भी छापा मारा है.

ईडी की छापेमारी पर पत्रकार वार्ता कर मंत्री आतिशी ने शराब घोटाला केस में आरोपियों को धमका कर झूठे बयान दिलवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार हो रहे खुलासे की वजह से ही ईडी यह कार्रवाई कर रही है.

क्यों हो रही छापेमारी की कार्रवाई

छापेमारी की कार्रवाई दिल्ली जल बोर्ड में टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी से जुड़ी है. इससे पहले इसी मामले में 31 जनवरी, 2024 को दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व चीफ इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा और कारोबारी अनिल कुमार अग्रावल को पीएमएलए केस में ईडी गिरफ्तार कर चुकी है. इसमें सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की है.

योग्यता के बावजूद मिले ठेके

एफआईआर के मुताबिक, जगदीश कुमार अरोड़ा (तत्कालीन चीफ इंजीनियर) ने दिल्ली जल बोर्ड के कुछ ठेके एनकेजी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिए. इनका मूल्य 38,02,33,080 रुपये है, जबकि कंपनी के पास टेक्निकल योग्यता नहीं होने के बावजूद ठेके दिए गए.

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रिश्तेदारों के बैंक एकाउंट का इस्तेमाल

बताया जा रहा है कि कंपनी के पास तकनीकी योग्यता नहीं है फिर भी ठेके मिले. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रिश्वत का पैसा लेने के लिए जगदीश कुमार अरोड़ा के करीबी लोगों और रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया गया था.

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