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दिल्लीः कथित शराब घोटाले में CBI की पहली गिरफ्तारी, सिसोदिया का करीबी विजय नायर गिरफ्तार

केजरीवाल सरकार के शराब नीति घोटाले में मंगलवार को पहली गिरफ्तारी की गई है. सीबीआई ने एंटरटेनमेंट, इवेंट मीडिया कंपनी के पूर्व सीईओ विजय नायर को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने विजय नायर को पहले पूछताछ के लिए बुलाया था और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.

दिल्ली में कथित शराब घोटाले (Delhi Liquor Scam) में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है. केजरीवाल सरकार के शराब नीति घोटाले में मंगलवार को पहली गिरफ्तारी की गई है. सीबीआई ने एंटरटेनमेंट, इवेंट मीडिया कंपनी के पूर्व सीईओ विजय नायर को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने विजय नायर को पहले पूछताछ के लिए बुलाया था और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि दिल्ली शराब घोटाले का विजय नायर मुख्य साजिश करता था.

इस खबर में ये है खास

  • कौन है विजय नायर?
  • सिसोदिया का करीबी है नायर
  • FIR में नायर का भी है नाम
  • LG ने CBI जांच की थी सिफारिश
  • AAP ने कार्रवाई को चुनाव से जोड़ा

कौन है विजय नायर?

नायर मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ‘ओनली मच लाउडर’ के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं. विजय नायर साल 2014 से आप से जुड़ा हुआ था. पार्टी के लिए फंड रेजिंग का काम करता था. विजय नायर पर आप पार्टी के मीडिया एंड कम्युनिकेशन स्ट्रैटिजी की जिम्मेदारी थी. अधिकारियों ने बताया कि काफी समय तक विदेश में रहे नायर को मंगलवार को एजेंसी के कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

सिसोदिया का करीबी है नायर

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि सिसोदिया के सहायक अर्जुन पांडे ने नायर की ओर से शराब कारोबारी समीर महेंद्रु से करीब 2 से 4 करोड़ रुपये नकद लिए थे. सूत्रों ने बताया कि मनीष सिसोदिया ने नायर को ही शराब के ठेकों के लाइसेंस आवंटित करने की जिम्मेदारी सौंपी थी. नायर पर चुन-चुनकर लाइसेंस देने, गुटबंदी करने और साजिश रचने का आरोप है.

FIR में नायर का भी है नाम

नायर की भूमिका पर, सीबीआई की FIR में कहा गया था कि विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि विजय नायर, एक मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी, ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ पर्नोड रिकार्ड के पूर्व कर्मचारी मनोज राय, ब्रिंडको स्पिरिट्स के मालिक अमनदीप ढाल और इंडोस्पिरिट के मालिक समीर महेंद्रू आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में अनियमितताओं में सक्रिय रूप से शामिल हैं.

LG ने CBI जांच की थी सिफारिश

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के द्वारा दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 की सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद FIR दर्ज हुई थी. इसके बाद दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि वह नीति वापस ले रही है. विजय नायर की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने कहा कि उनका आबकारी नीति से कोई लेना-देना नहीं है और यह मामला “निराधार” है.

AAP ने कार्रवाई को चुनाव से जोड़ा

पार्टी के बयान में कहा गया कि विजय नायर आप के संचार प्रभारी हैं. वह पहले पंजाब और अब गुजरात में संचार रणनीतियों को विकसित करने और लागू करने के लिए जिम्मेदार थे.” AAP की ओऱ से कहा गया कि गिरफ्तारी “आप को कुचलने और आप के गुजरात अभियान में बाधा डालने के भाजपा के चल रहे प्रयास का हिस्सा है”.