×

राज्य

Kisan Andolan: दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर क्या फिर से होगा किसान आंदेलन? 1200 जवानों ने संभाला मोर्चा

Kisan Andolan 2024: दिल्ली पुलिस का कहना है कि हम लोगों ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में 11 तारीख से ही अपनी व्यवस्था शुरू कर दी थी. 1200 जवानों को लामबंद किया गया है.

Kisan Andolan 2024: Will there be farmer movement again on Delhi Haryana border
Kisan Andolan 2024: Will there be farmer movement again on Delhi Haryana border

नई दिल्ली, India Ahead Digital Desk : दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर क्या फिर से किसान आंदोलन देखने मिलेगा? इसको लेकर एनसीआर के लोगों की धड़कनें में तेज हो गई हैं. पंजाब से किसानों के जत्थे दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. बताया जा रहा है कि किसान अमृतसर दिल्ली-नेशनल हाईवे के जरिये हरियाणा में प्रवेश कर सकते हैं. इधर, सतर्क दिल्ली पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है. अंबाला के शंभु बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा की गई है. बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है. इसके अलावा दिल्ली के कई इलाकों में धारा-144 लागू कर दी गई है.

बढ़ सकता है दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर दबाव

उत्तर पूर्वी दिल्ली के DCP जॉय टिर्की ने बताया कि सोशल मीडिया से लेकर हम हर चीज को मॉनिटर कर रहे हैं. हम लोगों ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में 11 तारीख से ही अपनी व्यवस्था शुरू कर दी थी. 1200 जवानों को लामबंद किया गया है. अब तक जो जानकारी मिली है उसके अनुसार सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर थोड़ा दबाव रहेगा, बड़ी सड़कों पर हमने प्रमुख इंतज़ाम किए हैं और छोटी सड़कों पर भी नजर बनाए हुए हैं, बॉर्डर पर हमने बहुपरतीय सुरक्षा और चेकिंग की व्यवस्था की है.

यह भी पढ़ें: Akash Deep कौन हैं, जिनसे थर-थर कांपेंगे इंग्लैंड के खिलाड़ी, तीसरी टेस्ट में हो सकती है एंट्री !

क्या हैं किसानों की 12 मांगें

1. किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी का कानून सरकार बनाए.
सरकार ऐसी योजना बनाए, जिसके चलते किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफ हो जाए.
2. भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को देश भर में फिर से लागू किया जाए.
किसानों से लिखित सहमति सुनिश्चित और कलेक्टर दर से चार गुना मुआवजा की भी मांग रखी.
3.लखीमपुर खीरी के अपराधियों को सजा और किसानों को न्याय दिलाने की बात की है.
4. विश्व व्यापार संगठनऔर सभी मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाने की मांग.
5. किसानों और खेतिहर मजदूरों को भी पेंशन प्रदान करना.
6. दिल्ली आंदोलन के दौरान जिन किसानों कि मृत्यु हुई थी उनके परिवारों को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलनी चाहिए .
7. बिजली संशोधन विधेयक 2020 को सरकार रद्द करे.
8. किसानों प्रति वर्ष 200 दिन का रोजगार और मनरेगा के तहत 700 रुपये की दैनिक मजदूरी दें.
9. नकली बीज, कीटनाशक और उर्वरक बनाने वाली कंपनियों पर जुर्माना और बीज की कोटि में सुधार होना चाहिए.
10. मिर्च, हल्दी और अन्य मसालों के लिए एक राष्ट्रीय आयोग के साथ गठन.
11. कंपनियों को आदिवासियों की जमीन पर बर्बादी करने से रोका जाए.
12. जल, जंगल और जमीन पर मूलवासियों का अधिकार सुनिश्चित करे सरकार.

यह भी पढ़ें: Weather Update: क्या विदाई की ओर बढ़ रही ठंड? दिल्ली-NCR में कब होगी बारिश? पढ़ें देशभर के मौसम का ताजा अपडेट