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राजनीति

‘नंदी बाबा ने आधी रात बैरिकेडिंग तुड़वा डाले, कृष्ण कन्हैया कहां मानने वाले’…योगी ने काशी, मथुरा को लेकर कही बड़ी बातें

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लखनऊ: अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है. 500 साल की मांग पूरी हुई तो दशकों पुराना एक नारा फिर से सुनाई देने लगा. वो नारा है ‘अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है’. नारे से एक बात तो समझ आती है वो ये कि अयोध्या की तरह ही काशी में ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले का भी हल निकले. अभी हाल ही में ज्ञानवापी मस्जिद में एएसआई सर्वे रिपोर्ट में मंदिर के अवशेष मिले थे. रिपोर्ट में साफ था कि मस्जिद को मंदिर तोड़कर बनाया गया है. अब इसी बीच काशी-मथुरा को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) का बड़ा बयान सामने आया है.

हमने तो केवल तीन जगह मांगी हैं: Yogi Adityanath

बुधवार को विधानसभा में सीएम योगी ने अयोध्या-काशी और मथुरा की ओर इशारा करते हुए कहा, “हमने तो केवल तीन जगह मांगी है. अन्य जगहों के बारे में कोई मुद्दा नहीं था. अयोध्या का उत्सव लोगों ने देखा तो नंदी बाबा ने कहा कि भाई हम काहे इंतजार करें. इंतजार किए बगैर रात में बैरिकेड तोड़वा डाले. अब हमारे कृष्ण कन्हैया कहां मानने वाले हैं.?”

सीएम योगी ने कहा, “यही तो हुआ था अयोध्या के साथ. यही हुआ था काशी के साथ. यही हुआ था मथुरा के साथ. पांडवों ने भी केवल पांच ग्राम मांगे थे लेकिन यहां कोई समाज, यहां की आस्था केवल तीन के लिए बात कर रही है. वो तीन के लिए भी इसलिए कि वे विशिष्ट स्थल हैं. ईश्वर की अवतरण की धरती हैं. वह सामान्य नहीं है लेकिन एक जिद है. उस जिद में जब राजनैतिक तड़का पड़ने लगता है तो वहीं से फिर विवाद की स्थिति खड़ी होने लगती है.”

बहुसंख्यक गिड़गिड़ाए, विश्व में ऐसा कहीं नहीं हुआ: Yogi Adityanath

सीएम योगी ने कहा कि भारत के भीतर लोकआस्था का अपमान हो और बहुसंख्यक समुदाय गिड़गिड़ाए, ऐसा विश्व में कहीं नहीं हुआ. जो काम हो रहा है वह आजाद भारत में पहले पहल होना चाहिए था. 1947 में ही हो जाना चाहिए था.

विदेशी आंक्राताओं ने देश की आस्था को रौंदा: योगी

मुख्यमंत्री ने कहा, “विदेशी आक्रांताओं ने केवल इस देश के अंदर धन दौलत ही नहीं लूटा था. इस देश की आस्था भी रौदने का काम किया था. आजादी के बाद उन आक्रांताओं को महिमामंडित करने का कुत्सित कार्य किया गया. अपने वोटबैंक के लिए. योगी ने कहा कि दुर्योधन ने कहा था कि सुई की नोक बराबर भूमि भी नहीं दूंगा. फिर तो महाभारत होना ही था. फिर क्या हुआ? कौरव पक्ष समाप्त हो गया.”