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Uttar Pradesh

गाज़ियाबाद: जहां के थे थानेदार वहीं दर्ज हो गई FIR, कार्रवाई न करने पर युवक ने कोतवाली में किया था आत्मदाह

गाजियाबाद: लोनी बॉर्डर थाने में आत्महत्या करने वाले पीड़ित की मौत के बाद, थाना प्रभारी डॉ. रामसेवक समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है. इस मामले में चारों के खिलाफ लोनी बॉर्डर थाने में आईपीसी की धारा-306 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है. डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव ने बताया कि… Continue reading गाज़ियाबाद: जहां के थे थानेदार वहीं दर्ज हो गई FIR, कार्रवाई न करने पर युवक ने कोतवाली में किया था आत्मदाह

गाजियाबाद: लोनी बॉर्डर थाने में आत्महत्या करने वाले पीड़ित की मौत के बाद, थाना प्रभारी डॉ. रामसेवक समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है. इस मामले में चारों के खिलाफ लोनी बॉर्डर थाने में आईपीसी की धारा-306 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है. डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव ने बताया कि थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज के खिलाफ जांच बैठाई गई है, और दारोगा और सिपाही के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है.

मामले में कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने इसकी शिकायत आला अधिकारियों से की थी. पीड़ित की मौत के बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर कदम उठाया गया है. लोनी बॉर्डर थाने की एक कॉलोनी में रहने वाली महिला के साथ मोहल्ले में रहने वाले रामपाल के भांजा रॉबिन छेड़छाड़ करता था. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 13 दिसंबर को रॉबिन ने महिला को गलत तरीके से छुआ था. जिसके बाद पीड़िता के पति के शिकायत करने पर रामपाल ने पीड़ित को कॉलोनी छोड़कर चले जाने की धमकी दी थी. रामपाल और उसके घर के अन्य सदस्यों ने मिलकर महिला और उसके पति के साथ मारपीट भी की थी. जिसकी वजह से महिला का गर्भपात हो गया था. पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की लेकिन पुलिस ने मामले की रिपोर्ट हल्की धाराओं में दर्ज कर रफा-दफा कर दिया था.

पुलिस के द्वारा हल्की धाराओं में कार्रवाई की गई जिसकी वजह से पीड़ित दंपति ने मामले की उच्च अधिकारियों से शिकायत की. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपीयों के खिलाफ तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं की गई थी. पीड़ित लगातार थाने चौकी के चक्कर लगा रहे थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय पीड़ित को दुत्कार कर थाने से भगा दिया. पुलिस के व्यवहार से परेशान होकर पीड़िता के पति ने थाने में ही अपने ऊपर तेल डालकर आग लगा ली. पुलिस ने आनन फानन में पीड़ित को जीटीबी अस्पताल में भर्ती करवा दिया.

अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़िता के पति की मौत हो गई. पीड़ित युवक की मौत से पहले परिवार ने एक वीडियो बनाकर चौकी इंचार्ज और थाना प्रभारी, दरोगा सलीम और सिपाही को उसकी मौत का जिम्मेदार बनाया था. इस मामले में थाना प्रभारी डॉ. रामसेवक, चौकी प्रभारी रमन सिंह, दरोगा सलीम और सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है. उपचार के दौरान 9 जनवरी को पीड़ित की मौत हो गई थी. डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव ने बताया कि इस मामले में थानाध्यक्ष डॉ० रामसेवक, चौकी प्रभारी रमन, सिपाही और दरोगा सलीम को सस्पेंड कर दिया गया है. इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. सभी के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है.

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