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UP NEWS: सुलतानपुर में सफाई कर्मचारी हुए लामबंद, किया प्रदर्शन, जानें वजह

सुलतानपुर में सफाई कर्मचारी हुए लामबंद, किया प्रदर्शन: ठेका प्रथा बंद करने की उठाई मांग, राहुल की तर्ज पर सफाई कर्मी निकालेगे न्याय यात्रा,ठेका प्रथा बंद करने की मांग को सफाई कर्मचारी मुखर हो गए हैं। सफाई कर्मचारियों ने राहुल गांधी की न्याय यात्रा की तर्ज पर सफाई कर्मचारी न्याय यात्रा निकालने की बात कही… Continue reading UP NEWS: सुलतानपुर में सफाई कर्मचारी हुए लामबंद, किया प्रदर्शन, जानें वजह

सुलतानपुर में सफाई कर्मचारी हुए लामबंद, किया प्रदर्शन: ठेका प्रथा बंद करने की उठाई मांग, राहुल की तर्ज पर सफाई कर्मी निकालेगे न्याय यात्रा,ठेका प्रथा बंद करने की मांग को सफाई कर्मचारी मुखर हो गए हैं।

सफाई कर्मचारियों ने राहुल गांधी की न्याय यात्रा की तर्ज पर सफाई कर्मचारी न्याय यात्रा निकालने की बात कही है। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने डीएम ऑफिस पहुंचकर प्रदर्शन किया और एक मांग पत्र डीएम को सौंपा है।

एक महीने में नहीं हुआ समाधान

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सोमवार को प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां आज डीएम के माध्यम से राष्ट्रीय सफाई आयोग के अध्यक्ष को 8 सूत्रीय ज्ञापन दिया।

महासंघ के अध्यक्ष बब्लू चौधरी टाइगर ने बताया कि दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछली 12 जनवरी को संघ के सदस्यों ने राष्ट्रीय सफाई आयोग के अध्यक्ष को 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा था।

जिसमें प्रमुख मांग थी कि ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए। सफाई कर्मियों को राज्यकर्मियों का दर्जा मिले। लेकिन एक महीना बीत गया अभी तक राष्ट्रीय सफाई आयोग ने दिए गए ज्ञापन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसलिए मजबूरन आज एक महीना बीत जाने के बाद स्मरण पत्र ज्ञापन के रूप में देना पड़ रहा है।

ठेका प्रथा से कर्मियों को रखने में 5-6 हजार लेते हैं रिश्वत

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष बबलू चौधरी ने कहा कि अगर जल्द उनकी मांगों पर राष्ट्रीय सफाई आयोग ध्यान नहीं दिया तो अन्य वाले समय में पूरे देश में सफाई न्याय यात्रा निकाली जाएगी।

सफाई के काम को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन ठेकेदार को कॉन्ट्रेक्ट दे देता है। उसके बाद वो कर्मचारी को नौकरी पर रखने के लिए 5-6 हजार रिश्वत लेता है।

साल भर इनका 1200 रुपए ईपीएफ काटा जाता है। जब कर्मचारी ईपीएफ मांगने जाता है तो उसको नौकरी से निकाल दिया जाता है। कहते हैं नेतागीरी कर रहे हो। उन्होंने ये भी बताया कि ऐसा करके दस-बारह लाख रुपए खा लिया जाता है।

रिपोर्ट- ASGHAR NAQVI