×

देश

मंदिर को गिराकर कब बनी मस्जिद, ASI की रिपोर्ट में हुए 12 बड़े खुलासे

प्रेस वार्ता में अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि ASI रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां 32 ऐसे जगह प्रमाण मिले हैं, जो बता रहे हैं कि वहां हिंदू मंदिर था. देवनागरी, ग्रंथा, तेलुगु, कन्नड़ के पुरालेख मिले हैं. श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी परिसर की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ASI की सर्वे… Continue reading मंदिर को गिराकर कब बनी मस्जिद, ASI की रिपोर्ट में हुए 12 बड़े खुलासे

Gyanvapi Image
Gyanvapi Image

प्रेस वार्ता में अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि ASI रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां 32 ऐसे जगह प्रमाण मिले हैं, जो बता रहे हैं कि वहां हिंदू मंदिर था. देवनागरी, ग्रंथा, तेलुगु, कन्नड़ के पुरालेख मिले हैं.

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी परिसर की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ASI की सर्वे रिपोर्ट की काॅपी गुरुवार को पांच लोगों को मिल गई है. मुकदमे से संबंधित पक्षकारों ने गुरुवार को अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था. सर्वे रिपोर्ट की नकल मिलने के बाद हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने एक प्रेस कांफ्रेंस की. जिसमें दावा किया, कि ASI रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां 32 जगह ऐसे प्रमाण मिले हैं जिससे हिंदू पक्ष का दावा मजबूत होता है. इसके अलावा जनार्दन, रुद्र और विश्वेश्वर के पुरालेख मिले हैं. रिपोर्ट में एक जगह महामुक्ति मंडप लिखा है. ASI का कहना है कि यह बहुत-ही महत्वपूर्ण बात है.

ASI सर्वे मुताबिक मस्जिद से पहले था हिंदू मंदिर का स्ट्रक्चर

17वीं शताब्दी में मंदिर को तोड़ा गया था. ASI का कहना है कि पश्चिमी दीवार एक हिंदू मंदिर का हिस्सा है. जिसे आसानी से पहचाना जा सकता है. इसके बाद इसे मस्जिद के लिए इस्तेमाल किया गया. ASI ने रिपोर्ट में कहा है कि यहां मस्जिद से पहले हिंदू मंदिर का स्ट्रक्चर था. वहीं हिंदू पक्षकारों का कहना है कि अब सील वजूखाना की ASI सर्वे की मांग सुप्रीम कोर्ट से करेंगे.

जानिए सर्वे रिपोर्ट में क्या-क्या लिखा था

ASI ने 839 पन्ने की रिपोर्ट तैयार की है, जो यह दावा करती है कि मस्जिद से पहले वहां हिंदू मंदिर था. 32 जगह ऐसे प्रमाण मिले हैं, जो वहां पहले हिंदू मंदिर होने का दावा करते है. देवनागरी, ग्रंथा, तेलुगु, कन्नड़ में लिखे पुरालेख भी मिले हैं. जनार्दन, रुद्र और विश्वेश्वर के बारे में भी पुरालेख मिले हैं

ASI ने जदुनाथ सरकार के इस निष्कर्ष पर भरोसा जताया है कि 2 सितंबर 1669 में मंदिर को गिरा दिया गया था. एक जगह महामुक्ति मंडप लिखा है, जो ASI के मुताबिक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है. मंदिर को गिराने के बाद उसके स्तंभों का इस्तेमाल मस्जिद बनाने में किया गया. तहखाना S2 में कुछ हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां भी थी.

ज्ञानवापी की पश्चिमी दीवार एक हिंदू मंदिर का हिस्सा थी, उसे आसानी से पहचाना जा सकता है. तहखाने में मिट्टी के अंदर दबी ऐसी आकृतियां मिलीं जो उकेरी हुई थी. एक कमरे में अरबी और फारसी में लिखे पुरालेखों में मिले है, जो बताते है कि औरंगजेब के शासनकाल के 20वें वर्ष यानी 1667-1677 में मस्जिद बनी. सर्वे में मिले पुरालेख में तीन नामों का जिक्र प्रमुखता से है- जनार्दन, रूद्र, उमेश्वर

और भी खबरों के लिए यहां क्लिक करें.