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तुर्की की संसद ने स्वीडन की NATO सदस्यता को दी मंजूरी

तुर्की की संसद ने मंगलवार को स्वीडन की नाटो सदस्यता को मंजूरी दी है, जिसका अधिकांश वोट राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन के समर्थन में दिया गया. स्वीडन ने साल 2022 में नाटो सदस्यता के लिए आवेदन किया था और यह नया फैसला रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद लिया गया है. तुर्की की संसद में… Continue reading तुर्की की संसद ने स्वीडन की NATO सदस्यता को दी मंजूरी

तुर्की की संसद ने मंगलवार को स्वीडन की नाटो सदस्यता को मंजूरी दी है, जिसका अधिकांश वोट राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन के समर्थन में दिया गया. स्वीडन ने साल 2022 में नाटो सदस्यता के लिए आवेदन किया था और यह नया फैसला रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद लिया गया है.

तुर्की की संसद में मतदान होते ही, जिसमें राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन के गठबंधन को बहुमत मिला ने स्वीडन की नाटो सदस्यता को 55 के मुकाबले 287 वोटों से मंजूरी देने का फैसला किया. इसके बाद राष्ट्रपति की हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक कानून बनेगा, जिससे स्वीडन को नाटो का सदस्य बनने का मार्ग मिलेगा.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की की संसद में राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने मतदान किया और इस विधेयक को मंजूर किया. इसका मतलब है कि विधेयक जल्द ही कानून बन सकता है और स्वीडन को नाटो का सदस्य बनाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.

मतदान के बाद उल्फ क्रिस्टरसन ने क्या कहा ?

स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने मतदान के बाद कहा कि स्वीडन अब गठबंधन का हिस्सा बनने की दिशा में “एक कदम करीब” है. इस स्थिति में स्वीडन को नाटो का 31वां सदस्य बनने का मौका मिला है.

तुर्की ने पिछले साल फिनलैंड की नाटो सदस्यता का समर्थन किया था, लेकिन स्वीडन के साथ, वह वेटिंग की स्थिति में रही थी. फिनलैंड की सदस्यता ने रूस के साथ नाटो की सीमा को मजबूत किया और तीन बाल्टिक देशों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया.

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